शकरकंदी चाट
✍ Nadi Vaidya · 📅 24 April 2024

शकरकंदी चाट -
आयुर्वेदानुसार, वात दोष को संतुलित रखने के लिए उष्ण (गर्म), स्निग्ध (तैलीय) और मीठे तथा हल्के नमकीन भोजन उत्तम बताए गई हैं। शकरकंदी स्वभाव से ही इन सभी गुणों से परिपूर्ण है। शकरकंदी की चाट स्वादिष्ट और पौष्टिक होने के साथ वात दोष को शांत करने में मदद करती है।
सामग्री -
1. शकरकंदी - 500 ग्राम
2. धनिया - ¼ कप, कटा हुआ
3. ताज़ा नींबू का रस - 2 बड़े चमच
4. काला नमक - ½ छोटा चमच
5. जीरा पाउडर - 1 छोटा चमच, भुना हुआ
6. चाट मसाला - 1 छोटा चमच
7. लाल मिर्च पाउडर - ¼ छोटा चमच (वैकल्पिक)
8. अनार के दाने - ¼ कप
9. हरी चटनी - स्वादानुसार
10. इमली की चटनी - स्वादानुसार
पकाने की विधि -
* शकरकंदी को धोकर उनहे उबाल लें या कुकर मे पका लें जब तक कि वे नरम न हो जाए।
* उबली हुई शकरकंदी को छीलकर छोटे - छोटे टुकडो में काट लें।
* एक कटोरे में शकरकंदी, धनिया, नींबू का रस, काला नमक, जीरा पाउडर, चाट मसाला, और यदि चाहें तो लाल मिर्च पाउडर मिला लें।
* इस मिश्रण को अच्छी तरह से मिक्स कर लें ताकि सभी सामग्री एक साथ मिल जाए।
* अंत में, अनार के दाने, हरी चटनी और इमली की चटनी डालकर अच्छे से मिला लें।
* तैयार शकरकंदी चाट को परोसें और उसका आनंद लें।
निष्कर्ष -
* शकरकंदी की चाट वात का शमन करती है। यह वात के लक्षण जैसा ठंड और रुखापन को काम करती है।
* शकरकंदी Vit A, Vit C, मैग्नीशियम और पोटैशियम का अच्छा स्त्रोत है। यह पोषक तत्व इम्युनिटी अर्थात रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने और समग्र स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद करते हैं।
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