22-23 अगस्त • वृंदावन • ऑफलाइन प्रैक्टिकल कार्यशाला
Advanced Clinical Nadi Pariksha Workshop - नाड़ी वैद्य गुरुकुल
हमारे बारे में

नाड़ी को समझें • रोगी को समझें

यह कार्यशाला भारत की प्राचीन निदान परंपरा को आधुनिक, संरचित और प्रायोगिक प्रशिक्षण के माध्यम से समझने का विशेष अवसर प्रदान करती है।

नाड़ी परीक्षा का प्रशिक्षण
३६+ वर्षों का
नैदानिक अनुभव

यह केवल नाड़ी पकड़ना नहीं, पूरे रोगी को समझने की दृष्टि विकसित करना है।

आयुर्वेद में नाड़ी परीक्षा रोगी के समग्र मूल्यांकन की एक महत्वपूर्ण पद्धति है। यह केवल धड़कन महसूस करने तक सीमित नहीं है, बल्कि रोगी की प्रकृति, दोष, अग्नि, धातु, स्रोतस, जीवनशैली और स्वास्थ्य की स्थिति को आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से समझने की प्रक्रिया का हिस्सा है।

नाड़ी वैद्य गुरुकुल का उद्देश्य शास्त्रीय आयुर्वेद, दशकों के नैदानिक अनुभव, जीवंत चिकित्सकीय प्रदर्शन और स्वयं अभ्यास के माध्यम से इस ज्ञान को व्यवस्थित रूप से नई पीढ़ी तक पहुँचाना है।

श्रेष्ठ चिकित्सक केवल रोग नहीं देखता, वह रोगी को समझने की क्षमता विकसित करता है।

— नाड़ी वैद्य गुरुकुल
०१ ज्ञान शास्त्रीय आयुर्वेद की व्यवस्थित समझ
०२ अनुभव वास्तविक चिकित्सकीय अनुभव से सीखने का अवसर
०३ अभ्यास स्वयं अभ्यास करने और अपनी तकनीक को बेहतर बनाने का अवसर
०४ सेवा रोगी और समाज के लिए उपयोगी ज्ञान का विकास
इस कार्यशाला की खासियत

देखकर सीखें, करके समझें

यह केवल एक व्याख्यान नहीं, बल्कि ज्ञान से कौशल तक पहुँचने का एक संरचित एवं प्रायोगिक शिक्षण अनुभव है। प्रतिभागियों को जीवंत चिकित्सकीय प्रदर्शन, स्वयं अभ्यास, रोगी मूल्यांकन, केस चर्चा और अनुभवी मार्गदर्शकों से प्रत्यक्ष सीखने का अवसर मिलेगा।

नाड़ी परीक्षा का चिकित्सकीय प्रदर्शन
०१

जीवंत चिकित्सकीय प्रदर्शन

विशेषज्ञों द्वारा नाड़ी परीक्षा और रोगी के आयुर्वेदिक मूल्यांकन की प्रक्रिया को प्रत्यक्ष देखकर समझने का अवसर।

पाठ्यक्रम देखें
नाड़ी परीक्षण का व्यावहारिक अभ्यास
०२

नाड़ी परीक्षण का व्यावहारिक अभ्यास

उँगलियों की सही स्थिति, स्पर्श, दबाव और नाड़ी परीक्षण की मूल तकनीकों का विशेषज्ञ मार्गदर्शन में स्वयं अभ्यास।

सीट की जानकारी
व्यवस्थित आयुर्वेदिक शिक्षण
०३

व्यवस्थित शिक्षण पद्धति

प्रत्येक विषय को सरल और क्रमबद्ध तरीके से समझाया जाएगा, ताकि शास्त्रीय सिद्धांतों को चिकित्सकीय दृष्टिकोण से स्पष्ट रूप से समझा जा सके।

क्या सीखेंगे
वास्तविक रोगी का आयुर्वेदिक मूल्यांकन
०४

वास्तविक रोगी मूल्यांकन

रोगी की उपलब्धता और पूर्व सहमति के अनुसार वास्तविक क्लिनिकल उदाहरणों एवं मूल्यांकन सत्रों से सीखने का अवसर।

सामान्य प्रश्न देखें
आयुर्वेदिक चिकित्सकों का प्रशिक्षण
०५

सीमित बैच में व्यक्तिगत मार्गदर्शन

सीमित प्रतिभागियों के साथ अधिक संवाद, पर्याप्त अभ्यास, प्रश्नों के उत्तर और व्यक्तिगत मार्गदर्शन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

अभी पंजीकरण करें
आयुर्वेदिक अध्ययन सामग्री और प्रशिक्षण
०६

व्यवस्थित अध्ययन सामग्री

प्रतिभागियों को अध्ययन के लिए व्यवस्थित नोट्स, चिकित्सकीय कार्यपुस्तिका और आवश्यक शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।

क्या मिलेगा

हमारी शिक्षण पद्धति

देखें, समझें, अभ्यास करें, जोड़ें और अपनाएँ

पहले विशेषज्ञों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन को देखें, फिर शास्त्रीय सिद्धांतों को समझें और उसके बाद स्वयं अभ्यास करें। इसके पश्चात नाड़ी, रोग-इतिहास, लक्षण और अन्य चिकित्सकीय निष्कर्षों को आपस में जोड़ना सीखें और प्राप्त समझ का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करना सीखें।

०१
देखें जीवंत प्रदर्शन
०२
समझें शास्त्रीय सिद्धांत
०३
अभ्यास करें स्वयं करके सीखें
०४
जोड़ें इतिहास और लक्षण से
०५
अपनाएँ जिम्मेदारी के साथ
कार्यशाला में क्या सीखेंगे

नाड़ी परीक्षा का व्यवस्थित पाठ्यक्रम

पाठ्यक्रम को इस तरह तैयार किया गया है कि प्रतिभागी नाड़ी परीक्षा की मूल समझ से लेकर रोगी के आयुर्वेदिक मूल्यांकन, चिकित्सकीय सोच और व्यावहारिक अभ्यास तक क्रमबद्ध रूप से आगे बढ़ सकें।

नाड़ी परीक्षा की नींव

सही शुरुआत, सही समझ

०१

इस भाग में नाड़ी परीक्षा का परिचय, आयुर्वेद में इसका महत्व और इसे समझने के लिए आवश्यक मूल सिद्धांतों को सरल एवं व्यवस्थित तरीके से समझाया जाएगा।

नाड़ी परीक्षा का इतिहास और दर्शन
आयुर्वेद में नाड़ी परीक्षा का महत्व
नाड़ी परीक्षा की सीमाएँ और चिकित्सकीय जिम्मेदारी
चिकित्सकीय नैतिकता और रोगी का सम्मान

नाड़ी जाँच की सही तकनीक

स्पर्श, दबाव और अभ्यास

०२

नाड़ी परीक्षा में हाथ और उँगलियों की सही स्थिति, स्पर्श की संवेदनशीलता और दबाव का संतुलन महत्वपूर्ण होता है। इस भाग में इन सभी तकनीकों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन के साथ समझाया और अभ्यास कराया जाएगा।

उँगलियों की सही स्थिति
दबाव का सही संतुलन
सही स्पर्श तकनीक
सामान्य त्रुटियाँ और उनका सुधार
व्यावहारिक अभ्यास विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में नाड़ी जाँच की तकनीक का स्वयं अभ्यास कराया जाएगा।

आयुर्वेदिक रोगी मूल्यांकन

नाड़ी के साथ पूरी स्थिति को समझना

०३

इस भाग में नाड़ी को रोगी के इतिहास, प्रकृति, जीवनशैली, लक्षण और अन्य उपलब्ध जानकारी के साथ समझने की आयुर्वेदिक दृष्टि विकसित की जाएगी।

वात, पित्त और कफ की समझ
प्रकृति और विकृति का परिचय
अग्नि, आम, धातु और स्रोतस
अष्टविध और दशविध परीक्षा की समझ
मन और शरीर को साथ समझना
आधुनिक जाँचों के साथ संतुलित आयुर्वेदिक दृष्टि

चिकित्सकीय अभ्यास और केस चर्चा

सीख को व्यवहार से जोड़ना

०४

रोगी की उपलब्धता और पूर्व सहमति के अनुसार वास्तविक चिकित्सकीय उदाहरणों में रोगी का इतिहास, निरीक्षण, नाड़ी अनुभव और अन्य उपलब्ध निष्कर्षों को साथ जोड़कर समझने का अवसर दिया जाएगा।

जीवंत चिकित्सकीय प्रदर्शन
रोगी का इतिहास समझना
केस आधारित चर्चा
चिकित्सकीय निरीक्षण
विशेषज्ञों से मार्गदर्शन और प्रतिक्रिया
प्रश्न और उत्तर के माध्यम से संवाद
!
महत्वपूर्ण सूचना नाड़ी परीक्षा को आधुनिक चिकित्सा जाँचों के विकल्प के रूप में नहीं, बल्कि आयुर्वेदिक चिकित्सकीय मूल्यांकन की एक पूरक विधि के रूप में पढ़ाया जाएगा।
स्वास्थ्य विषयों की आयुर्वेदिक समझ

किन विषयों पर चर्चा होगी?

इस कार्यशाला में नाड़ी परीक्षा को रोगी के समग्र आयुर्वेदिक मूल्यांकन के एक भाग के रूप में समझाया जाएगा। विभिन्न स्वास्थ्य स्थितियों में शरीर, मन, प्रकृति, जीवनशैली और अन्य उपलब्ध जानकारी को साथ रखकर आयुर्वेदिक दृष्टि से समझने की प्रक्रिया पर चर्चा होगी।

हृदय और चयापचय संबंधी स्वास्थ्य

हृदय और चयापचय संबंधी संकेत

हृदय स्वास्थ्य, कोलेस्ट्रॉल, यकृत में वसा, यूरिक अम्ल और चयापचय से जुड़े असंतुलनों को आयुर्वेदिक दृष्टि से समझने पर चर्चा।

श्वसन और गुर्दे से जुड़े स्वास्थ्य संकेत

श्वसन और गुर्दे से जुड़े संकेत

दमा, श्वसन संबंधी समस्याएँ, गुर्दे से जुड़े असंतुलन, मूत्र संबंधी समस्याएँ और प्रोस्टेट से जुड़ी प्रवृत्तियों को आयुर्वेदिक दृष्टि से समझने पर चर्चा।

मन नींद और तनाव

मन, नींद और तनाव

अनिद्रा, चिंता, भय, मानसिक तनाव और अवसाद जैसी स्थितियों को मन और शरीर के पारस्परिक संबंध की आयुर्वेदिक दृष्टि से समझने का प्रयास।

सिरदर्द माइग्रेन और साइनस

सिरदर्द, माइग्रेन और साइनस

सिरदर्द, माइग्रेन और साइनस जैसी बार-बार होने वाली समस्याओं को रोगी की प्रकृति, जीवनशैली और अन्य लक्षणों के साथ आयुर्वेदिक दृष्टि से समझने पर चर्चा।

पाचन और हार्मोनल संतुलन

पाचन और हार्मोनल संतुलन

पाचन, अग्नि, आम, हार्मोनल संतुलन और जीवनशैली से जुड़े संकेतों को आयुर्वेदिक मूल्यांकन की समग्र दृष्टि से समझने पर चर्चा।

दीर्घकालिक और जीवनशैली से जुड़े असंतुलन

दीर्घकालिक और जीवनशैली से जुड़े असंतुलन

लंबे समय से बनी स्वास्थ्य समस्याओं और जीवनशैली से जुड़े असंतुलनों में रोगी की प्रकृति, दिनचर्या, आहार और समग्र स्वास्थ्य स्थिति को समझने की आयुर्वेदिक सोच विकसित करना।

समग्र आयुर्वेदिक मूल्यांकन

किसी भी स्वास्थ्य स्थिति को केवल एक संकेत के आधार पर नहीं, बल्कि रोगी के इतिहास, प्रकृति, विकृति, जीवनशैली और उपलब्ध चिकित्सकीय जानकारी के साथ समझने की दृष्टि विकसित की जाएगी।

व्यक्तिगत प्रकृति और विकृति की समझ
आहार और जीवनशैली का मूल्यांकन
अग्नि और आम की समझ
मन और शरीर का समन्वित मूल्यांकन
अष्टविध और दशविध परीक्षा की समझ
आधुनिक जाँचों के साथ संतुलित दृष्टिकोण
कौन भाग ले सकता है?

जो गंभीरता से सीखना चाहते हैं, उनके लिए यह कार्यशाला है

यह प्रशिक्षण उन चिकित्सकों एवं विद्यार्थियों के लिए तैयार किया गया है जो नाड़ी परीक्षा, आयुर्वेदिक क्लिनिकल सोच और रोगी के समग्र मूल्यांकन को व्यवस्थित एवं व्यावहारिक रूप से समझना चाहते हैं।

01

BAMS Doctors

जो अपनी Clinical Thinking को विकसित करना और नाड़ी परीक्षा की समझ को अधिक व्यवस्थित बनाना चाहते हैं।

02

MD Ayurveda

जो नाड़ी परीक्षा को अधिक गहराई, नैदानिक दृष्टि और व्यावहारिक अनुभव के साथ समझना चाहते हैं।

03

Ayurvedic Students

जो शास्त्रीय अध्ययन के साथ नाड़ी परीक्षा का व्यावहारिक प्रशिक्षण और अनुभवी मार्गदर्शन प्राप्त करना चाहते हैं।

04

Homeopathic Doctors

जो रोगी के समग्र मूल्यांकन और आयुर्वेदिक दृष्टिकोण को समझने में रुचि रखते हैं।

05

Physiotherapists

जो शरीर, दर्द, जीवनशैली और समग्र स्वास्थ्य को व्यापक दृष्टि से समझना चाहते हैं।

06

Panchakarma Experts

जो उपचार से पहले रोगी की स्थिति को अधिक व्यवस्थित और समग्र रूप से समझना चाहते हैं।

07

Yoga Professionals

जो योग, जीवनशैली और आयुर्वेद को एक समग्र स्वास्थ्य दृष्टिकोण के साथ समझना चाहते हैं।

08

Integrative Healthcare Professionals

जो रोगी-केंद्रित एवं समग्र स्वास्थ्य दृष्टिकोण के साथ आयुर्वेदिक Clinical Thinking को समझना चाहते हैं।

आपको क्या प्राप्त होगा?

केवल प्रमाणपत्र नहीं, एक मजबूत चिकित्सकीय आधार

कार्यशाला पूर्ण होने के बाद आपके पास आयुर्वेदिक Clinical Thinking की बेहतर समझ, नाड़ी परीक्षा का व्यावहारिक अनुभव, रोगी के समग्र मूल्यांकन की नई दृष्टि और आगे की उन्नत शिक्षा के लिए मजबूत आधार होगा।

Premium Study Material
Hands-on Practical Training
Live Clinical Demonstrations
Clinical Case Discussions
Mentor Interaction
Certificate of Participation
पंजीकरण

अपनी चिकित्सकीय यात्रा को नई दिशा दें

यदि आप आयुर्वेद की गहराई, नाड़ी परीक्षा की प्रामाणिक समझ और अनुभवी मार्गदर्शकों के साथ उच्च-स्तरीय व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करना चाहते हैं, तो यह कार्यशाला आपकी सीखने की यात्रा का महत्वपूर्ण चरण हो सकती है।

कार्यशाला की जानकारी

उन्नत चिकित्सकीय नाड़ी परीक्षा कार्यशाला

यह दो दिवसीय ऑफलाइन व्यावहारिक कार्यशाला नाड़ी परीक्षा, रोगी के समग्र मूल्यांकन, चिकित्सकीय केस चर्चा, लाइव प्रदर्शन, व्यावहारिक अभ्यास और अनुभवी मार्गदर्शकों के प्रत्यक्ष प्रशिक्षण पर आधारित है।

तारीख 22–23 अगस्त
स्थान वृंदावन
प्रशिक्षण का माध्यम ऑफलाइन व्यावहारिक कार्यशाला
+
बैच सीमित प्रतिभागी
सीमित सीटें उपलब्ध हैं छोटे बैच का उद्देश्य प्रत्येक प्रतिभागी को पर्याप्त अभ्यास, प्रश्न पूछने और अनुभवी मार्गदर्शकों से व्यक्तिगत मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर देना है।
अपनी सीट सुरक्षित करें

पंजीकरण फॉर्म

नीचे अपनी सही जानकारी भरें। हमारी टीम कार्यशाला से संबंधित आगे की प्रक्रिया और उपलब्ध सीट की जानकारी के लिए आपसे संपर्क करेगी।

आपकी जानकारी का उपयोग केवल कार्यशाला से संबंधित संपर्क और पंजीकरण प्रक्रिया के लिए किया जाएगा।

आपका आवेदन सफलतापूर्वक दर्ज हो गया है। हमारी टीम जल्द ही आपसे संपर्क करेगी।
हमारा उद्देश्य

घर-घर नाड़ी, घर-घर आयुर्वेद

नाड़ी वैद्य गुरुकुल का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं है। हम नाड़ी परीक्षा और आयुर्वेद की पारंपरिक जानकारी को आसान, व्यवस्थित और सही तरीके से सिखाकर इसे नई पीढ़ी तक पहुँचाना चाहते हैं।

नाड़ी वैद्य गुरुकुल का मिशन

हमारा मिशन

ऐसे चिकित्सकों और विद्यार्थियों को तैयार करना जो रोगी को ध्यान से समझें, आयुर्वेद के मूल सिद्धांतों को जानें और जिम्मेदारी के साथ अपनी चिकित्सा करें।

आयुर्वेद शोध और नई सीख

शोध और नई सीख

नाड़ी परीक्षा से जुड़े अनुभवों और क्लिनिकल मामलों को व्यवस्थित रूप से समझने, लिखने और आगे की शिक्षा व शोध के लिए उपयोगी बनाने की दिशा में काम करना।

चिकित्सा में ईमानदारी और जिम्मेदारी

ईमानदारी और जिम्मेदारी

रोगी का सम्मान, सही जानकारी, विनम्र व्यवहार, जिम्मेदारी और लगातार सीखते रहने को हम एक अच्छे चिकित्सक की महत्वपूर्ण पहचान मानते हैं।

निरंतर सीखने और अभ्यास का अनुभव

लगातार सीखना

यह कार्यशाला सीखने का अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। हमारा मानना है कि बेहतर बनने के लिए लगातार सीखना, अभ्यास करना और अपने अनुभव साझा करना जरूरी है।

नाड़ी वैद्य ट्रस्ट - Healing Hands

सहयोगी संस्था

नाड़ी वैद्य ट्रस्ट – Healing Hands के सहयोग से स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, जनजागरूकता और समाज सेवा से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाता है।

नाड़ी वैद्य गुरुकुल की प्रेरणा

हमारी प्रेरणा

श्रीमती मंजुलता जी की दूरदर्शिता, सेवा-भाव और आयुर्वेद के प्रति समर्पण हमारे इस प्रयास की प्रेरणा है।

Frequently Asked Questions

कार्यशाला से जुड़े आम सवाल

कार्यशाला में कौन शामिल हो सकता है, क्या सीखने को मिलेगा, प्रशिक्षण कैसे होगा और आवेदन के बाद क्या प्रक्रिया रहेगी - इनके सरल जवाब यहाँ दिए गए हैं।

यदि आपके पास आयुर्वेद की मूलभूत समझ है और आप गंभीरता से सीखना चाहते हैं, तो यह कार्यशाला आपके लिए उपयोगी हो सकती है।

हाँ। कार्यशाला का मुख्य भाग hands-on practice, live demonstration और mentor guidance पर आधारित रहेगा।

रोगियों की उपलब्धता और उनकी पूर्व सहमति के अनुसार चयनित क्लिनिकल डेमॉन्स्ट्रेशन किए जा सकते हैं।

हाँ। सीमित बैच रखने का उद्देश्य ही यह है कि प्रत्येक प्रतिभागी को अभ्यास और व्यक्तिगत मार्गदर्शन का अवसर मिल सके।

हाँ। प्रतिभागियों को Premium Study Material, Clinical Workbook और कार्यशाला पूर्ण करने पर Certificate of Participation दिया जाएगा।

नहीं। इस कार्यशाला में नाड़ी परीक्षा को आयुर्वेदिक क्लिनिकल मूल्यांकन की पूरक विधि के रूप में पढ़ाया जाएगा। इसे आधुनिक चिकित्सा जाँचों का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

आपका आवेदन प्राप्त होने के बाद हमारी टीम आपसे संपर्क करके उपलब्ध सीट, कार्यक्रम, स्थान और आगे की पंजीकरण प्रक्रिया की जानकारी साझा करेगी।

उपलब्ध व्यवस्था के अनुसार प्रतिभागियों को आगे भी शैक्षणिक मार्गदर्शन और learning community से जुड़े रहने का अवसर देने का प्रयास किया जाएगा।